डॉट कॉम युग की सुनहरी दास्तान अब रजत पटल पर – ‘स्टार्टअप डॉट कॉम’

20 मई 2001

डॉट कॉम युग की सुनहरी दास्तान अब रजत पटल पर - 'स्टार्टअप डॉट कॉम'पिछले 4 साल विश्व के औद्‌योगिक इतिहास में ‘डॉट कॉम’ युग के नाम से ही जाने जाएंगे, जब ‘सपने सच हुए’ वाली कहानियों ने सारे विश्व को अचंभित कर रखा था। इस पूरे आंदोलन पर दर्जनों किताबें, सैकड़ों पत्रिकाएं और हजारों कॉलम लिखे गए और पिछले सप्ताह इस डॉटकॉम युग पर बनी पहली फिल्म ‘स्टार्टअप डॉट कॉम’ भी रिलीज हो गई।

इस फिल्म का घटनाक्रम भी अजीबो-गरीब है। एक सच्ची डॉट कॉम कंपनी गोवर्क्स डॉट कॉम की प्रारंभिक पीड़ा और फिर मिली सफलता को डायरेक्टर और क्रिस हेगडस अपने घरेलू वीडियो कैमरे में कैद करने लगे। देखते-देखते उनके पास इस कंपनी के बारे में 400 घंटे से ज्यादा की शूटिंग जमा हो गई। और सबसे विस्मयादि ये कि शूटिंग के चलते-चलते ही डॉट कॉम युग ने पलटी मारी। गोवर्क्स डॉट कॉम के दिन भी फिर गए और कंपनी बंद होने की कगार पर आ गई। लेकिन शूटिंग जारी रही और उसी प्रयास को पर्दे पर पेश किया गया है स्टार्टअप डॉट कॉम नामक 2 घंटे की डॉक्यूमेंट्री में।

फिल्म के सारे पात्र गोवर्क्स कंपनी के…

कंपनी में सिर्फ 6 महीने में 5 से 250 कर्मचारी, काम का बेहद तनाव, बिगड़ते पारिवारिक संबंध और करोड़पति बनने का सच होता सपना

चूंकि सारी शूटिंग रीयल लाइफ है, इसलिए फिल्म के सारे पात्र गोवर्क्स कंपनी के संस्थापक और कर्मचारी ही हैं। प्रमुख भूमिका में हैं स्टार्ट अप डॉट कॉम के असली संस्थापक खलील इजा तुस्मान और टॉम हेरमान। ये दोनों गहरे दोस्त हैं जो कंपनी को एक कमरे से 250 लोगों तक बढ़ा ले जाते हैं और अंत में उनमें इतने मतभेद हो जाते हैं कि एक संस्थापक दूसरे संस्थापक को कंपनी से बर्खास्त कर देता है।

डॉट कॉम कंपनियों की दुनिया से थोड़ा भी संपर्क में आए लोगों को फिल्म में बहुत अपनापन लगेगा। शुरू में एक सपना, (इसी कंपनी का सपना था कि अमेरिका में नागरिकों से संबंधित सारे सरकारी काम इंटरनेट और कंप्यूटर पर ही हो जाएँ) उस सपने के कारण अच्छी खासी नौकरी को तिलांजलि, महीनों तक वेंचर केपिटलिस्ट के चक्कर, फिर पैसा, कंपनी में सिर्फ 6 महीने में 5 से 250 कर्मचारी, काम का बेहद तनाव, बिगड़ते पारिवारिक संबंध और करोड़पति बनने का सच होता सपना और फिर एकदम तीव्र गति से सब कुछ चंद महीनों में ताश के पत्तों की तरह ढह गया

फिल्म आधारित तो है गोवर्क्स डॉट कॉम पर लेकिन अमेरिका की अधिकांश डॉट कॉम कंपनियों के संस्थापक ओैर कर्मचारियों की कहानी खालिल तुस्मान जैसी ही है। शुरू होती है फिल्म खालिल द्वारा गोल्डमैन शख्स के बढ़िया नौकरी को छोड़कर एक कमरे में गोवर्क्स डॉट कॉम शुरू करने से और खत्म होती है गोवर्क्स डॉट कॉम का किसी और कंपनी द्वारा अधिग्रहण कर लेने पर।

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