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	<title>Jitendra Muchhal &#124; Jitendra Muchhal Website &#124; J Muchhal &#124; जीतेंद्र मुछाल&#187; मेरिल लिंच</title>
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		<title>अमेरिकी वित्त व्यवस्था के ट्वि&#8217;न टॉवर्स गिरे</title>
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		<pubDate>Tue, 16 Sep 2008 12:30:38 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
				<category><![CDATA[अमेरिकी अर्थव्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी वित्त व्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[ट्वि'न टॉवर्स]]></category>
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		<category><![CDATA[लेहमैन ब्रदर्स]]></category>
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		<description><![CDATA[अमेरिकी वित्त व्यवस्था की दु:खद घटनाओं में से एक न्यूयॉर्क में ट्‍विन टॉवर्स गिराए जाने की सातवीं बरसी के कुछेक दिन बाद हुई। तेजी से बदलते घटनाक्रम में मात्र 24 घंटों के दौरान 150 वर्ष पुरानी वित्तीय संस्थाएँ, जो कि अपने आकार में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से कम नहीं थीं, लेहमैन ब्रदर्स और मेरिल लिंच सोमवार को इतिहास का एक हिस्सा बन गईं। अमेरिकी वित्त व्यवस्था में लगातार गिरावट के चलते लेहमैन ब्रदर्स के शेयरों का मूल्य अंतिम [...]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img class="alignleft size-full wp-image-2876" alt="अमेरिकी वित्त व्यवस्था के ट्वि'न टॉवर्स गिरे" src="https://www.jmuchhal.com/wp-content/uploads/2008/09/JM_3_Lehman.jpg" width="311" height="307" /><span class="dropcap">अ</span>मेरिकी वित्त व्यवस्था की दु:खद घटनाओं में से एक न्यूयॉर्क में ट्‍विन टॉवर्स गिराए जाने की सातवीं बरसी के कुछेक दिन बाद हुई। तेजी से बदलते घटनाक्रम में मात्र 24 घंटों के दौरान 150 वर्ष पुरानी वित्तीय संस्थाएँ, जो कि अपने आकार में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से कम नहीं थीं, लेहमैन ब्रदर्स और मेरिल लिंच सोमवार को इतिहास का एक हिस्सा बन गईं।</p>
<p>अमेरिकी वित्त व्यवस्था में लगातार गिरावट के चलते लेहमैन ब्रदर्स के शेयरों का मूल्य अंतिम सप्ताह में 3.50 डॉलर तक नीचे आ गया था जो कि एक वर्ष पहले के मूल्य की तुलना में 95 फीसदी नीचे था। इस निवेश बैंक को वित्तीय मदद की जरूरत थी और इसके लिए न्यूयॉर्क फेड ने सभी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं- सिटी, जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन, मेरिल, बैंक ऑफ अमेरिका और अन्य की आपात बैठक भी बुलाई थी। बैठक में अमेरिकी वित्तमंत्री हैंक पॉल्सन भी शामिल हुए थे। बैठक का उद्देश्य था कि किसी तरह लेहमैन ब्रदर्स को सुरक्षित बनाए रखा जाए, क्योंकि ऐसा नहीं होने पर अन्य वित्तीय संस्थाओं पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता था। इससे पहले अमेरिकी सरकार ने बीयर स्टर्न्स को खरीदने में जेपी मॉर्गन की मदद की थी। पिछले माह फैनी मे और फ्रैडी मैक को सरकार से सहारा मिला था, लेकिन इस बार सरकार लेहमैन को बचाने के लिए आगे नहीं आई।</p>
<div class="simplePullQuoteRight">मेरिल के शेयर भी लगातार नीचे गिरते जा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेरिल के सीईओ जॉन थाइन ने खुद बैंक ऑफ अमेरिका के सीईओ से मिलकर 48 घंटों में सौदा पक्का कर लिया<span></span></div>
<p>लेहमैन ब्रदर्स को लेने के लिए बैंक ऑफ अमेरिका और बार्कलेज बैंक ने दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन अमेरिकी सरकार द्वारा कोई सहयोग या सहारा न देने की सूरत में वे मैदान छोड़ गए। तभी स्पष्ट हो गया कि सोमवार से लेहमैन ब्रदर्स को दिवालिया घोषित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मात्र एक सप्ताह के भीतर अरबों डॉलर के शेयरों का मूल्य शू्न्य हो गया।</p>
<p><b>मेरिल बिकी :</b> बैंक ऑफ अमेरिका ने लेहमैन को खरीदने में दिलचस्पी तो दिखाई, लेकिन इसने मेरिल लिंच को 29 डॉलर प्रति शेयर की दर पर खरीद लिया। कंपनी ने इसकी खरीदी के लिए 50 बिलियन डॉलर की राशि चुकाई। मेरिल के शेयर भी लगातार नीचे गिरते जा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेरिल के सीईओ जॉन थाइन ने खुद बैंक ऑफ अमेरिका के सीईओ से मिलकर 48 घंटों में सौदा पक्का कर लिया।</p>
<p><b>एआईजी और अन्य की हालत खस्ता :</b> इंश्योरेंस क्षेत्र की महाकाय कंपनी एआईजी पर भी ऐसा ही दबाव है और यह अपनी कैश पोजीशन को बनाए रखने के लिए अपनी कई परिसंपत्तियाँ बेच सकती है। वॉशिंगटन म्यूचुअल का भी यही हाल है। लेहमैन ब्रदर्स में 25 हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, जबकि मेरिल लिंच के कर्मचारियों की संख्‍या 60 हजार है। एआईजी और अन्य वित्तीय संस्थाओं में भी करीब इतने ही कर्मचारी काम करते हैं। न्यूयॉर्क क्षेत्र में हजारों की संख्या में ऊँची तनख्वाह वाले पद खत्म हो जाएँगे।</p>
<p>इससे पहले लेहमैन ब्रदर्स ने खुद को दिवालिया घोषित करने का एक आवेदन न्यूयॉर्क में दाखिल कर दिया। एक अनुमान के मुताबिक उन पर 613 बिलियन यूएस डॉलर की उधारी है। उन्होंने अपने नाम पर टोक्यो, हांगकांग, न्यूयॉर्क, सिंगापुर, ताईपे और कई अन्य बैंकों से लाखों डॉलर का ऋण ले रखा है। गौरतलब है कि दिवालिएपन के अमेरिकी इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा मामला है। इसकी भरपाई वॉल स्ट्रीट फर्म द्वारा की जाएगी, जो अमेरिकी सरकार को इस पूरे मामले में विश्वास दिलाने में नाकाम रही। लेहमैन ब्रदर्स द्वारा दिवालिया घोषित किए जाने की याचिका के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 639 मिलियन डॉलर है।</p>
<p>अदालती टिप्पणी के मुताबिक सिटी बैंक और बैंक ऑफ न्यूयॉर्क इतनी बड़ी रकम के लिए लेहमैन ब्रदर्स को पहले ही असुरक्षित निवेशकों की सूची में डाल चुके हैं। टोक्यो का अजोरा बैंक 463 मिलियन डॉलर लोन के साथ ऋण प्रदाताओं में सबसे ऊपर है। मिजुहो कॉरपोरेट बैंक (289 मिलियन डॉलर) इस मामले में दूसरे स्थान पर है। जानकारी के मुताबिक लेहमैन ब्रदर्स सिटी बैंक से 275 मिलियन डॉलर, बीएनपी परिबास से 250 मिलियन डॉलर, जापान की शिंसेई बैंक लिमिटेड से 231 मिलियन डॉलर, जापान की ही यूएफजे बैंक से 185 मिलियन डॉलर और सुमितोमो मिश्तुबिशी बैंकिंक कॉरपोरेशन से 177 मिलियन डॉलर का ऋण अप्रतिभूति उधारी के तहत ले चुके हैं।</p>
<p>मिजुहो कॉरपोरेट बैंक, शिंकिन सेंट्रल बैंक, चुओ मिट्स्यूई ट्रस्ट और बैंकिंग समेत जापान के सभी बैंकिंग प्रतिष्ठान, नोवा स्कोशिया की सिंगापुर शाखा, न्यूयॉर्क की लॉयड बैंक, ताईपे और चीन की हुआ नेन व्यावसायिक बैंक और इसकी न्यूयॉर्क शाखा, ये सभी अप्रतिभूति ऋण अदायगी के रूप में लेहमैन ब्रदर्स को 50 मिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि दे चुके हैं। सोमवार सुबह जब मैं ट्रेन में मैनहट्टन से न्यूजर्सी आ रहे कुछ लोगों से मिला, उनमें से एक यात्री वॉल स्ट्रीट जर्नल पढ़ रहा था, जिसका शीर्षक था- &#8216;<em>लुक लाइक 9/11</em>&#8216;। मैंने दुःखद भाव के साथ कहा-बहुत बुरा हुआ। एक अन्य यात्री जो लेहमैन ब्रदर्स के न्यूबर्गर डिवीजन में कार्यरत थे, ने बताया उनका डिवीजन बहुत अच्छी तरह काम कर रहा था। वे जल्द ही इस सिलसिले में सुबह बैठक करने की योजना बना रहे थे, मगर सब कुछ बिखर गया। उन्होंने इसे 9/11 हादसे से भी ज्यादा भयानक करार दिया।</p>
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		<title>मौजूदा संकट अमेरिका के लिए सदमा</title>
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		<pubDate>Mon, 15 Sep 2008 12:28:12 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
				<category><![CDATA[अमेरिकी अर्थव्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[आर्थिक मंदी]]></category>
		<category><![CDATA[फेडरल रिजर्व बैंक]]></category>
		<category><![CDATA[मेरिल लिंच]]></category>
		<category><![CDATA[वित्तीय गिरावट]]></category>

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		<description><![CDATA[अमेरिकी अर्थव्यवस्था में पैदा हुए ताजा गंभीर संकट से यहाँ के वित्त विश्लेषक भी हैरत में हैं। उनकी राय में अमेरिका के लिए यह सारी स्थिति सदमे की तरह है। हालाँकि अधिकतर ने तरलता के जरिये बाजार को सुधारने की सलाह दी है। पूर्व फेडरल रिजर्व चीफ एलेन ग्रीनस्पेन के मुताबिक अमेरिका सदी की सबसे बड़ी आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। वित्त विपदाएँ इसमें &#8216;आग में घी&#8216; का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक [...]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img class="alignleft size-full wp-image-2077" alt="मौजूदा संकट अमेरिका के लिए सदमा " src="https://www.jmuchhal.com/wp-content/uploads/2008/09/1301.jpg" width="311" height="307" /><span class="dropcap">अ</span>मेरिकी अर्थव्यवस्था में पैदा हुए ताजा गंभीर संकट से यहाँ के वित्त विश्लेषक भी हैरत में हैं। उनकी राय में अमेरिका के लिए यह सारी स्थिति सदमे की तरह है। हालाँकि अधिकतर ने तरलता के जरिये बाजार को सुधारने की सलाह दी है।</p>
<p>पूर्व फेडरल रिजर्व चीफ एलेन ग्रीनस्पेन के मुताबिक अमेरिका सदी की सबसे बड़ी आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। वित्त विपदाएँ इसमें &#8216;<em>आग में घी</em>&#8216; का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक घरेलू कीमतों में सुधार नहीं होता, इन हालात से ऐसे ही जूझना पड़ेगा। मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था इतना बुरा वक्त देख रही है।</p>
<p>एक पूर्व केंद्रीय बैंकर के अनुसार इससे बुरी स्थिति उन्होंने अपने पेशे में कभी नहीं देखी। हालाँकि उन्होंने उम्मीद जताई कि हालात जल्द ही सामान्य होने लगेंगे।</p>
<div class="simplePullQuoteRight">अमेरिकी बैंक पहले ही भयानक स्थिति का सामना कर रहे हैं। मुझे समझ में नहीं आता अमेरिकी बैंक को मेरिल लिंच को सत्तर फीसदी राशि देने की जरूरत क्या थी?<span></span></div>
<p>डब्ल्यूएल रॉस एंड कंपनी के चेअरमैन और सीईओ विलबर रॉस ने कहा &#8216;<em>आने वाले महीनों में हजारों बैंक बंद होंगे। यही स्थिति निवेशकों के लिए अवसर पैदा करेगी। मुझे लगता है कई क्षेत्रीय बैंकों पर भी ताले पड़ जाएँगे। इन बैंकों ने 90 के दशक में भी बचत और ऋण से जुड़े ऐसे ही हालात पैदा किए थे।</em>&#8216;</p>
<p>रॉस एक ऐसे छोटे वित्तीय संस्थान की तलाश में हैं, जहाँ निवेश की संभावना हो। वे इसके लिए जोखिम नहीं उठाना चाहते, इसीलिए स्थिर जमापूँजी वाले स्रोत पर ध्यान दे रहे हैं, ऋण उपलब्ध कराने वाली निवेश सूची पर नहीं। पिमको के सीईओ ईआई एरैन का कहना था &#8216;<em>हमें तरलता लाना होगी और इसे पूँजी के विस्तार के लिए जल्द जुटाना होगा। मौजूदा संकट से उबरना भी इतना आसान नहीं है, क्योंकि निकाय के पास पर्याप्त पूँजी नहीं है</em>।&#8217;</p>
<p>निवेश सलाहकार मार्क फेबर की भी ऐसी ही राय थी। उन्होंने कहा कि वित्तीय गिरावट और आगे कितना जाएगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। हमें कुछ परिवर्तन करना होंगे, क्योंकि केंद्रीय बैंक बाजार में तरलता लाएगा। नतीजतन, ब्याज दरें गिरेंगी। अमेरिकी बैंक पहले ही भयानक स्थिति का सामना कर रहे हैं। मुझे समझ में नहीं आता अमेरिकी बैंक को मेरिल लिंच को सत्तर फीसदी राशि देने की जरूरत क्या थी?</p>
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		<title>परेशानियों से उबरने का जी-तोड़ प्रयास</title>
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		<pubDate>Mon, 24 Sep 2001 07:34:25 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
				<category><![CDATA[11 सितंबर]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकन एक्सचेंज]]></category>
		<category><![CDATA[मेरिल लिंच]]></category>
		<category><![CDATA[वर्ल्ड ट्रेड सेंटर टावर]]></category>
		<category><![CDATA[वॉल स्ट्रीट]]></category>

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		<description><![CDATA[वर्ष 1999 में वॉल स्ट्रीट और दुनिया की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकरेज कंपनी मेरिल लिंच ने आपदा प्रबंधन के हिसाब से काफी तैयारी की थी। निचला मैनहटन बहुत ही संकरा बसा हुआ है और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर टावर व उनके परिसर में लगभग 1.50 करोड़ वर्गफुट दफ्तर आदि की जगह थी। ये पूरे मैनहटन के ऑफिस और कार्मिक इलाके का लगभग 3.4 प्रतिशत था, जो कुछ ही घंटों में बगैर किसी पूर्व सूचना बंद हो गए। इन हजारों कंपनियों में [...]]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img class="alignleft size-full wp-image-3239" title="परेशानियों से उबरने का जी-तोड़ प्रयास" alt="" src="https://www.jmuchhal.com/wp-content/uploads/2001/09/221.jpg" width="311" height="307" /><span class="dropcap">व</span>र्ष 1999 में वॉल स्ट्रीट और दुनिया की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकरेज कंपनी मेरिल लिंच ने आपदा प्रबंधन के हिसाब से काफी तैयारी की थी। निचला मैनहटन बहुत ही संकरा बसा हुआ है और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर टावर व उनके परिसर में लगभग 1.50 करोड़ वर्गफुट दफ्तर आदि की जगह थी। ये पूरे मैनहटन के ऑफिस और कार्मिक इलाके का लगभग 3.4 प्रतिशत था, जो कुछ ही घंटों में बगैर किसी पूर्व सूचना बंद हो गए। इन हजारों कंपनियों में कुछ तो सिर्फ 1 या 2 कर्मियों की थीं, वहीं मेरिल लिंच, अमेरिकन एक्सप्रेस और लेहमेन ब्रदर्स वो कुछ कंपनियां हैं जो &#8216;<em>फॉर्चुन 500</em>&#8216; सूची में आती हैं। इनके ग्लोबल हेडक्वार्टर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर में ही थे, जहां हजारों लोग काम करते थे।</p>
<p>मंगलवार 11 सितंबर को हर कंपनी की सबसे पहली परेशानी और चुनौती थी, यह पता लगाना कि उसके सब साथी सुरक्षित हैं या नहीं। और यह पता लगाना भी बहुत मुश्किल था। जब फोन, इंटरनेट और अन्य संचार साधन अस्त-व्यस्त और सारा शहर तितर-बितर हो गया। लेकिन इसी के साथ-साथ बड़ी-छोटी कंपनियों को नजर आ रही थीं उनके सामने की चुनौती। अमेरिकन एक्सप्रेस के मुख्यालय वर्ल्ड फाइनेंशियल सेंटर में थे। यह वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से जुड़ा हुआ है। यह इमारत नष्ट नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा कारणों से बंद है। अमेरिकन एक्सप्रेस ने तुरंत अपने न्यूजर्सी और मैनहटन से दूसरे दफ्तरों में काम को शिफ्ट करना शुरू किया। वहीं नए तार जोड़कर कम्प्यूटर, फोन आदि शुरू किए और शुक्रवार तक अपने आपको पुनः तैयार कर लिया।</p>
<p><b>आलीशान होटल बना ऑफिस</b></p>
<p>वहीं एक दूसरे बड़े वित्तीय संस्थान को बड़ा ही अनूठा लेकिन कारगर उपाय सूझा। लेहमेन ब्रदर्स के वरिष्ठ अधिकारियों के मिडटाउन मैनहटन में स्थित मैनहटन शेरेटन होटल की मालिक कंपनी स्टारवुड्‌स होटल से प्रगाढ़ संबंध थे। लेहमेन ने शेरेटन से बात की और 665 कमरों वाला आलीशान मैनहटन शेरेटन होटल और उसके सारे कॉन्फ्रेंस रूम और बैंक्वेट हॉल लेहमेन ब्रदर्स के 1500 कर्मचारियों के दफ्तर में बदल गई। लेहमेन ब्रदर्स का मुख्यालय 3 वर्ल्ड फाइनेंशियल सेंटर में है, जो नष्ट नहीं हुआ है लेकिन कई महीनों तक बंद रहेगा। लेकिन कई दूसरी कंपनियों के सामने तो परेशानी बहुत विकट थीं। उन्हें अपने कर्मचारियों को न्यूजर्सी, कनेक्टिकट और मैनहटन के ही दूसरे अपने छोटे दफ्तरों में विस्थापित करने के निर्णय लेने पड़े।</p>
<div class="simplePullQuoteRight">वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से कुछ ही दूर फुल्टन स्ट्रीट पर एम.आर. कैपिटल मैनेजमेंट के दफ्तर में प्रवेश पूरी तरह बंद था<span></span></div>
<p><b>घर बने ऑफिस</b></p>
<p>वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से कुछ ही दूर फुल्टन स्ट्रीट पर एम.आर. कैपिटल मैनेजमेंट के दफ्तर में प्रवेश पूरी तरह बंद था। संचार तथा बिजली के सारे तार बंद थे। फर्म के निदेशक जॉन मोलेनी ने न्यूजर्सी में अपने घर के ड्राइंग रूम को ही दफ्तर में तब्दील कर लिया। मैनहटन के अन्य इलाकों में भी ऑफिस की काफी मांग उठ खड़ी हुई। छोटे ऑफिस तो कई कंपनियों को मिल भी गए, लेकिन बड़े 50 हजार फीट के हॉल ढूंढने के लिए तो कंपनियों को न्यूजर्सी, कनेक्टिकट आदि तक फैलना पड़ रहा है और कर्मी अलग-अलग दफ्तरों में पहुंच गए हैं।</p>
<p><b>बैटरी पार्क सिटी के रहवासी</b></p>
<p>वैसे तो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर इलाके में सिर्फ दफ्तर और दुकानें हैं, लेकिन पास ही बने बैटरी पार्क सिटी में लगभग 3500 रहवासी फ्लैट भी हैं, जो काफी धनाढ्‌य रहवासी इलाका है। आपदा के तुरंत बाद उन सभी फ्लेट्‌स को खाली करा दिया गया और उनमें रहने वालों के जीवन भी एकदम अस्त-व्यस्त हो गए। लगभग 2 हफ्ते तक तो उन्हें वापस अपने घरों में लौटने की इजाजत नहीं मिली और इनमें से कुछ तो पास की होटलों में 2 हफ्ते तक रहे।</p>
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